माघ महीना क्यों मनाया जाता है?
🔹 माघ महीने की कथा और महत्व

हिंदू धर्म में माघ महीने को अत्यंत पवित्र और पुण्य फल देने वाला माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में गंगा माता धरती पर विशेष कृपा बरसाती हैं। इस महीने प्रातःकाल स्नान करने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और मन, शरीर व आत्मा शुद्ध हो जाते हैं। विशेष रूप से गंगा स्नान को मोक्षदायक माना गया है।
माघ महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस मास में किया गया जप, तप, व्रत और भक्ति का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा सौ गुना अधिक प्राप्त होता है। इसी कारण भक्त इस दौरान भगवान विष्णु के नाम का स्मरण और पूजा-अर्चना करते हैं।
माघ मास में दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस समय अन्न दान, वस्त्र दान, तिल, घी और गुड़ का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। माघी अमावस्या का दिन पितरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन किया गया तर्पण पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करता है।
माघ महीना वर्ष का सबसे ठंडा समय भी माना जाता है। कड़ी ठंड के बावजूद स्नान करना तपस्या का रूप होता है, जिससे आत्मसंयम, सहनशीलता और इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त होता है।
🌼 संदेश
माघ महीना हमें सिखाता है कि शुद्ध मन, सरल जीवन, सेवा और भक्ति ही सच्चा धन है।






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