⭐ संगति ही भविष्य बनाती है – चाणक्य नीति से जीवन का सबसे बड़ा सबक
लेखिका: Dimple Goyal | Date: 7 December 2025
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आपके दोस्त आपकी चर्चा और दिशा दोनों तय करते हैं
चाणक्य नीति में लिखा है:
“यादृशी भूतिभिः संगतिः तादृशी भवति धृति.”
अर्थात—
जैसी संगति होती है, वैसा ही स्वभाव, बुद्धि और भविष्य बन जाता है।
आपने अपने जीवन में भी देखा होगा:
जो लोग मेहनत, अनुशासन और सकारात्मकता की बात करते हैं, उनकी जिंदगी उसी दिशा में बढ़ती है।
और जो लोग समय की कद्र नहीं करते, उनके साथ रहने वाला भी धीरे-धीरे वैसी ही आदतें सीख लेता है।
हमारी आदतें, भाषा, नजरिया, खर्च और सोच—सब हमारे आसपास के लोगों से बनते और बिगड़ते हैं।
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सोशल मीडिया की संगति का भी होता है बड़ा असर
चाणक्य के समय में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन उनकी नीति यहां भी 100% फिट बैठती है।
आज:
इंस्टाग्राम फॉलो करने से सोच बदलती है,
WhatsApp ग्रुप से राय बदलती है,
ऑनलाइन comparison से confidence गिरता या बढ़ता है।
इसलिए कहा जा सकता है कि
वर्चुअल संगति भी असल जिंदगी के सपनों और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।
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इन लोगों से हमेशा दूरी रखें – चाणक्य नीति
1️⃣ जो हमेशा आपकी बुराई करता हो
चाणक्य कहते हैं —
“जिसकी जीभ में ज़हर है, उसका साथ भी ज़हर है।”
ऐसे लोग:
आपकी सफलता से जलते हैं
आपकी तारीफ नहीं करते
हर समय आपकी कमी निकालते हैं
इनसे दूरी रखना ही आत्मविश्वास और मानसिक शांति के लिए सबसे अच्छा है।
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2️⃣ जो आपकी गुप्त बातें सबको बता दे
चाणक्य कहते हैं—
“जिसके पास रहस्य सुरक्षित नहीं, वह मित्र नहीं—शत्रु है।”
ऐसे लोग आपकी:
निजी बातें
कमजोरी
राज
दूसरों तक पहुंचाकर नुकसान पहुँचा सकते हैं।
इनसे दूर रहना ही सबसे बुद्धिमानी है।
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3️⃣ जो आपकी सफलता से जलता हो और रोकने की कोशिश करे
ईर्ष्या करने वाला मित्र विषधर सर्प के समान होता है।
जब कोई आपकी तरक्की देखकर—
खुश होने की बजाय चिढ़ जाए,
आपको discourage करे,
आपकी राह में रोड़े डाले,
तो वो मित्र नहीं, आपका छुपा हुआ शत्रु है।
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4️⃣ जो हर समय सिर्फ अपना स्वार्थ देखता हो
चाणक्य कहते हैं:
“स्वार्थी मित्र जरूरत पूरी होते ही शत्रु बन जाता है।”
ऐसे लोग:
काम पड़े तो आएंगे
काम निकलते ही गायब हो जाएंगे
मुश्किल समय में सबसे पहले पीठ दिखा देते हैं
इनसे दूरी रखना ही समझदारी है।
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✍️ — : Dimple Goyal






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